पूरे देश मे बोकारो में सबसे ज्यादा हो रही बिजली चोरी

पूरे देश मे बोकारो में सबसे ज्यादा हो रही बिजली चोरी:-

 

पूरे देश में बोकारो ही एक मात्र शहर है जहां बड़ी आबादी चोरी की बिजली से सबकुछ कर रही है। लगभग 30 हजार झुग्गी व 10 हजार विस्थापित गांव के लोग बोकारो इस्पात के चोरी की बिजली के भरोसे हैं। चोरी के इस धंधे में बिजली का काम करने वाले बिजली के माफिया बन गए हैं।

पूरे सेक्टर को मिला दें तो लगभग पांच करोड़ रुपये मासिक का करोबार कर रहे हैं। जबकि कंपनी को इससे अधिक का नुकसान हो रहा है। वहीं बोकारो इस्पात के आवासों में रहने वाले कर्मचारी व लाइसेंस पर आवास लिए लोग बिजली के लिए परेशान हैं। यही नहीं जब बिजली के मूल्य वृद्धि की बात होती है तो प्रबंधन अपने घाटे का हिसाब बताता है। विस्थापित समझते हैं अपना अधिकार : बिजली की समस्या को लेकर प्रबंधन के साथ विस्थापितों के बीच टकराव की स्थिति कई बार हो चुकी है। वर्ष 2017 में गोली चलने तक की नौबत हो गई थी जब भर्रा गांव की बिजली काटने का प्रबंधन ने प्रयास किया। उस वक्त विस्थापित नेताओं का कहना था कि बोकारो इस्पात संयंत्र उनकी जमीन पर बसा है। उसके संसाधनों पर उनका भी हक है। प्रबंधन उन्हें मीटर लगाकर बिजली दे। नहीं देने पर वे बिजली लेंगे।

यदि बिजली काटना है तो बाहर से आए अतिक्रमणकारियों की बिजली काटे। विस्थापित स्वयं अपनी बिजली काट लेंगे। विस्थापित नेता अपने तर्क को मजबूती के साथ प्रबंधन के समक्ष रखते रहे हैं। प्रबंधन की समस्या : बोकारो इस्पात प्रबंधन के अधिकारियों की समस्या अलग है। जब बिजली काटना होता है बिजली चोरी करने वाले लाठी डंडा लेकर सड़क पर उतर जाते हैं। उस वक्त प्रशासन शांति भंग होने के डर से प्रबंधन के साथ नहीं होता है। दूसरा जो अधिकारी अभियान का नेतृत्व करते हैं। उन पर व्यक्तिगत हमले की आशंका बढ़ जाती है। कई बार कई अधिकारियों पर थाने में प्राथमिकी तक दर्ज हो चुकी है। बेकार का न्यायालय का चक्कर काटने के डर से भी बीएसएल के अधिकारी इस पचड़े में पड़ने से डरते हैं। ऊपर से वोट के चक्कर में राजनीतिक दल के नेता भी उनका समर्थन करते हैं।

पूरे देश मे बोकारो में सबसे ज्यादा हो रही बिजली चोरी

घर से 500 और दुकान से दो हजार तक होती है वसूली :बिजली चोरी कराने एवं बिजली बेचने का नेटवर्क इतना मजबूत है कि बिजली बेचने वाले लोग माफिया बन गए हैं। एक घर को बिजली देने के लिए कम से कम माह का 500 तथा दुकान से दो हजार रुपये की वसूली होती है। बदले में चोरी के खिलाफ अभियान चलने पर तार कटने से होने वाला नुकसान, मरम्मत सहित अन्य समस्या को देखते हैं। कई-कई माफिया बिजली मंत्री के नाम से मशहूर हो चुके हैं। किन-किन क्षेत्रों कितने घरों जलती चोरी की बिजली

1. दुंदीबाद बाजार — 3000 दुकानों में

2. दुंदीबाद –1800 घर एवं खटाल

3. बिरसा बासा –600 घर

4. गुमला बस्ती — 700 घर

5. नयामोड़ एवं आसपास — 700 दुकान

6. धोबी मोहल्ला — 800 घर

7. सेक्टर एक– 1800 घर, दुकान व खटाल

8. सेक्टर दो –500 झुग्गी

9. सेक्टर तीन –600 झुग्गी व खटाल

10. सेक्टर चार –900 झुग्गी व खटाल

11. सर्कस मैदान सेक्टर चार –150 घर

12. सेक्टर चार थाने के समीप — 800 घर

13. सेक्टर चार मस्जिद के बगल –200 झोपड़ी

14. सेक्टर पांच –400 झोपड़ी

15. सेक्टर छह –800 झोपड़ी, खटाल

16. सेक्टर 8 –2500 झोपड़ी व खटाल

17. सेक्टर 9 — 4500 झोपड़ी खटाल

18. सेक्टर 11 — 400 झोपड़ी व खटाल विस्थापित गांव

1. महुआर

2. चैताटांड़

3. रानीपोखर

4. भर्रा

5. चौफांद बिजली चोरी की समस्या गंभीर है। समय-समय पर प्रबंधन की ओर से कार्रवाई की जाती है। सभी को यह समझना होगा कि सेल राष्ट्र की संपत्ति है। बिजली चोरी जैसे अपराध पर नियंत्रण सबके सहयोग की जरूरत है। इससे राजस्व की क्षति होती है।

बोकारो शहर में बिजली चोरी से इस्पात कर्मचारी परेशान हैं। स्थिति यह है कि खेत खाए गदहा और मार ..। इस पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। सभी को इसका विरोध करना होगा। तब जाकर इस समस्या का समाधान संभव है।