jack ma

The real history of Jack Ma in hindi.

The real history of Jack Ma in hindi.

अभी कुछ दिन पहले मुकेश अंबानी ने जैक मा को पीछे छोड़ते  हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए है। लेकिन क्या आप जानते है की इससे पहले एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति कौन था. मुकेश अंबानी से पहले जैक मा एशिया सबसे अमीर व्यक्ति थे. अभी वो एशिया के दूसरे  सबसे अमीर व्यक्ति है. लेकिन वो मुकेश अंबानी की तरह पिता की दौलत की वजह से अमीर नहीं बने बल्कि उन्होंने खुद मेहनत करके ये मुकाम हासिल किया है. आइए जानते है उनके संघर्ष के बारे में कुछ दिलचस्प बाते।

चीन में एक ग़रीब परिवार में एक बालक पैदा हुआ नाम था- मा युन
मा युन बचपन से ही पढ़ने में फिसड्डी था। पर फिर उसके ग़रीब अभिभावकों ने उसे जैसे तैसे पढ़ाना जारी रखा। पर यह भोन्दू पाँचवीं क्लास में दो बार फेल हो गया और फिर आठवीं में तीन बार।

पर पढ़ाई को छोड़, बाकी चीजों में मा युन को बहुत मन लगता था। उसके देश चीन में चीनी भाषा के अलावा आगे बढ़ने के लिए भारत जैसे अंग्रेज़ी की अनिवार्यता बिल्कुल न थी। बावजूद इसके मा युन को अंग्रेज़ी सीखने की बड़ी ललक जाग उठी।

पर इसके अभिभावकों के पास इतना पैसा न था कि उसे अंग्रेज़ी सिखाने वाले स्कूल में डालते। पर मा युन था तो धुन का पक्का। इसने अंग्रेज़ी सीखने की एक तरकीब निकाली। यह चीन में ही विदेशी पर्यटकों का गाइड बन गया और उनके साथ अधिकाधिक समय देकर अंग्रेज़ी सीखने की जी-तोड़ कोशिश करने लगा।

आने वाले कुछ वर्षों में मा युन धीरे-धीरे कामचलाऊ अंग्रेज़ी सीख गया अपनी लगन से। पर पढ़ाई में फिसड्डी मा युन विश्वविद्यालयी परीक्षा में चौथी बार में ही जाकर एंट्रेंस क्लियर कर सका।

इसको चीन में ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार की एक कम्पनी में नौकरी मिल गयी, पर दो साल में ही नौकरी से इसका मन उचट गया। यह अपने एक साथी की मदद से अमेरिका चला गया। यह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहता था, पर वहाँ दस बार यह एंट्रेंस में बैठा पर उसे क्लियर न कर सका।

इसने अपने अमेरिका के दोस्तों से इंटरनेट के बारे में पूछ-पूछ कर ज्ञान अर्जित किया। फिर उन्हीं कुछ दोस्तों और अन्य लोगों से पूँजी जमा कर किसी तरह ‘ugly’ नामक एक वेबसाइट बना डाली, जिसमें चीन से सम्बंधित जानकारी डाली। पर यह ज़्यादा फेमस हुई नहीं, तो थक कर इसने फिर से रोजी-रोटी चलाने वास्ते नौकरी कर ली।

एक दिन अमेरिका छोड़ यह युवक वापस अपने देश चीन चला गया।

चीन जाकर मा युन ने खूब मगजमारी की। यहाँ-वहाँ घुमा अपने दोस्तों से मिला और उनसे इसने एक आईडिया शेयर किया। इसके तमाम दोस्त इसे एक असफ़ल युवक के रूप में जानते थे जो तक़रीबन 30 बार विभिन्न परीक्षाओं में फेल हुआ था.

एक बार तो हद्द ही हो गयी थी जब इसके शहर में विख्यात केएफसी रेस्तरां कम्पनी ने 30 लोगों का इंटरव्यू लिया अपने यहाँ नौकरी देने को और उसमें से 29 लोगों को चुन लिया जो एकमात्र छँटा, वह था – मा युन!

.युन के कुछ दोस्त थे, जो अपने असफ़ल दोस्त के साथ हमेशा खड़े रहे। बस फिर क्या था..इस बार मा युन ने अपनी वेबसाइट बनाई- ” http://alibaba.com ” और फिर जो हुआ, वह स्वर्णिम अक्षरों में लिखा इतिहास ही तो है!

 

मा युन जब विदेशी पर्यटकों को चीन में गाइड के रूप में घुमाते थे अपनी अंग्रेज़ी प्रेम के कारण, तभी किसी विदेशी पर्यटक ने इनका नाम ‘जैक’ रख दिया था और इसीलिए दुनिया मा युन को ‘जैक मा’ के नाम से जानती है.

तब हार्वर्ड से तो नहीं, पर चीन के ही हंगझोउ यूनिवर्सिटी से इन्होंने अंग्रेज़ी से ही स्नातक किया और कुछ दिनों तक कॉलेज में अंग्रेज़ी पढ़ाई भी!!

जैक मा की कम्पनी alibaba.com को आज दुनिया में कौन जागरूक व्यक्ति नहीं जानता यूसी ब्राउज़र से लेकर न जाने इनके कितने कारोबार दुनिया में छाए हुए हैं। आज की तारीख़ में इनके पास लगभग 2 लाख करोड़  (भारतीय मूल्य में) की कुल सम्पत्ति है, जो दुनिया की कोई नौकरी इन्हें न दे पाती..इन्होंने शुरुआत 18 लोगों से की थी, आज इनकी कम्पनी में लगभग 22 हज़ार लोग नौकरी करते हैं.

कहते हैं कि ग़र आप अपनी लगातार असफलताओं से हार नहीं मानते, तो नियति आपको एक अन्तिम मौक़ा अवश्य देती है..उस मौक़े को पहचान कर उसे भुनाना सीख जाइये बिना हिम्मत हारे, तो आप जैक ‘बाप’ बन सकते हैं !!

1 thought on “The real history of Jack Ma in hindi.”

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